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Manoj Ashiwal
  • 31st Dec 18

  • By Manoj Ashiwal

नमस्कार दोस्तो मेरा नाम मनोज है, मेरा जन्म स्थान मुंबई है, किन्तु हमारे पूर्वज राजस्थान से विस्थापित हुए थे | मेरे बचपन के 10 साल मुंबई में बीते और प्राथमिक शिक्षा भी यहीं से प्राप्त करी | उसके बाद हम दिल्ली आ बसे , यहां शिक्षा प्राप्त करते समय मेरे मन में एक विचार प्रबल रूप से कोंध रहा था, 'वन्य जीवन की संरक्षणा ' | मैं विद्यालय में इस विषय पर अक्सर चर्चा किया करता था तथा इसी सोच विचार में रहता था की मैं किस तरह अपना योगदान दे सकता हूँ | समस्या यह है कि हमारा जो वन सम्प्रदा है वह बहुत दुर्लभ होता जा रहा है, उससे पॉल्यूशन बहुत बढ़ता जा रहा है जैसे की आप दिल्ली का उदहारण ले लीजिए दिल्ली में पॉल्यूशन बहुत बढ़ चुका है और रहना दुष्वार हो चुका है | मैं ऐसी कई संस्थाओ से जुड़ा हूँ जो वन संरक्षण के लिए कार्य करते हैं |

मेरा दिल यही कहता है कि आगे चलकर भारत ही नहीं बल्कि पूरे विश्व में वन संरक्षण के लिए लोगो को जागरूक कर सकु, इसकी वजह यह है कि जो हमारी बची हुई वन संप्रदाय है वो 21% है लेकिन वह 40 % होनी चाहिए, इसकी रक्षा करना है मेरी ज़िद्द। और अब मैं ग्रामीण क्षेत्रों की तरफ रुख कर के वहां के लोगों को जागरूक कर रहा हूँ | मै सबसे विनती करूंगा की एक बार वो सरिस्का नेशनल पार्क में जाए और वहां पर आकर अपने बच्चो को समझाए कि वन कितने काम के है, महत्वपूर्ण है हमारे जीवन में।

मेरी ज़िद्द है भारत के वन्य जीवन की संरक्षणा करना तथा लोगो को इस विषय से अवगत करवाना |

क्या है आपकी कहानी ज़िद्द की ? हमें बताएँ   +91-8448983000