• October 31.2020

  • RAZA MURAD

“वो जंग है ज़िन्दगी इम्तिहान है ,और कितने ऐसे मोड़ आते है चैलेंजेज के जहा आपको साबित करना पड़ता है, लोग कहते है ये काम आप नहीं कर सकते।”

जिस भी प्रोफेशन मैं आप जाय उसमे एक्सेप्टेन्स मिलना बहुत जरुरी है और आपका नाम इज़्ज़त से लिया जाना बहुत जरुरी है। मेरे साथ ऐसी बहुत सी खतना हुई है कि मैंने चैलेंजेज को एक्सेप्ट किया है कितना कामयाब हुआ हूँ ये नहीं कह सकता अब कितना कामयाब हुआ हूँ या नहीं हुआ हूँ वो तो जनता ही बता सकती है पर मुझे ये फिल्मनगरी एक्सेप्ट करे और मेरा नाम इज़्ज़त से ले इसकी पूरी कोशिश कि है।

मेरी ज़िन्दगी का सबसे बड़ा चैलेंज जो मेरी ज़िद्द बन गयी वो ये था कि मै छोटे – छोटे रोल करता था , कोई मेरी इमेज नहीं बनी थी। 1980 मैं “राज कपूर” जी ने मुझे बुलाया फिल्म “प्रेम रोग ” के लिया और उन्होंने मुझे मैन रोल ऑफर किया “विल्लन” का।

                             सुमेर गंज के राजा ठाकुर वीरेंदर प्रताप सिंह का। 

मैं तो तब गंगू तेली था और “राज कपूर” जी राजा भोज थे ,अब गंगू तेली ये सोच रहा की राजा भोज ने गंगू तेली का चयन कैसे किया। जहाँ आसमान सितारों से बहरा है वह मैं क्यों। मैं कश्मो कश मैं “राज कपूर ” जी किसी भी बड़े सितारे के साथ काम कर सकते थे और कोई भी काम करने के लिए तैयार होजाता ,उलटे पायो आजाता उनके साथ बस काम करने के लिए ,फिर मैं क्यों।

मेरी ज़िन्दगी का ये सबसे बड़ा चैलेंज था कि एशिया के “बिग्गेस्त शोमैन” ने मुझ पर भरोसा किया और मुझे अपनी फिल्म मै “विल्लन” का मैन रोल दिया परन्तु कुछ वक़्त बीतने के बाद “राज कपूर” जी ने कहा की कुछ लोग आपको चाहते नहीं की आप ये रोल करे यहाँ कि मेरे कुछ परिवार के लोग है जिनको लगता है कि आप इस रोल के लिए सही नहीं है। परन्तु राज कपूर जी का भरोसा मुझ पर मुझ हिम्मत देने के लिए काफी था। मैंने ये ज़िद्द ठान ली कि अब मुझे ये रोल करना है और गंगू तेली से राजा भुज बना है।

ऐसे हमारी ज़िन्दगी मैं ऐसे बहुत कम मौके आते है जब हमे जिंदगी मै कोई आगे बढ़ने का मौका दे,और जब ये मौका मिले तो हमे ये मौका कभी खोना नहीं चाइये। हमे ऐसे मौको पर गॉल करना बहुत जरुरी है।

उस वक़्त मैं जितनी मेहनत कर सकता था उस “विल्लन” के किरदार के लिए मैंने करा। मैंने किरदार को अपना ने कि पूरी कोशिश करि जिससे मैं उस किरदार मई दाखिल हो संकु। मैंने दिन रात एक करदी बस अपने आप को साबित करने के लिए।

जब फिल्म कम्पलीट हुई “ट्रायल शो” के बाद राज कपूर साहब जी ने कहा सबके सामने कि “कुछ लोग थे जो नहीं चाहते थे कि आप ये रोल ना करे और आज वो ही लोग ये कह रहे हैं कि रज़ा मुराद से अच्छा ये रोल कोई नहीं कर सकता।

वह मेरी ज़िन्दगी का टर्निंग पॉइंट था, वह मेरी ज़िन्दगी का सबसे बड़ा चैलेंज था जिसको मैंने अपनी ज़िद्द बनाकर कामयाबी छुई। मेरी बहुत तारीफ हुई उस रोल मैं कि जैसे मुझे लगना चाइये मैं वैसा ही लग रहा था। मेरी ज़िद्द कि उस गोल्डन चांस को ना खोने की और दुनिया कि रिजेक्शन सुनने के बाद भी आगे बढ़ने कि मुझे कामयाबी कि तरफ लेगई।

मैं बस आज के जवानो को यही कहना चाहता हूँ कि “कही बार तकदीर आपके दरवाजे पर दस्तक देती है, आपके पास आती है , अगर वह आती है तो उससे जाने न दे और अगर मौका लेकर आती है तो उस मौका का भरपूर फायदा ले और छोड़े ना।

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