• October 29.2020

  • ब्रिज मोहन

ज़िन्दगी में कोई चीज़ ऐसी नहीं, जिसे  पाने के लिए हमे मेहनत ना करनी पड़े। हर काम की सफ़लता का राज़  परिश्रम में है । किसी ने सही ही कहा है की  वक़्त से पहले और  क़िस्मत से ज़ादा ना कभी किसी को मिला है ना कभी मिलेगा। और ऐसे ही कठनाईओ का सामना करते हुए ब्रिज मोहन गोयल जी ने अपना मुकाम हासिल किया। आइये जाने कैसे। ……

ब्रिज मोहन गोयल जी को हमेशा ही ज़िन्दगी में बहुत कठनाईओ का सामना करना पड़ा पर उन्होंने कोशिश करना कभी नहीं छोड़ा। और उन्होंने चार्टेड अकाउंटेंट बनकर यह साबित कर दिया की अगर व्यक्ति परिश्रम करे  तो मुकाम हासिल करने से कोई रोक नहीं सखता।

उनका चार्टेड अकाउंटेंट बनना एक सपना नहीं उनकी एक ज़िद थी क्यूंकि सपने कभी कभी अधूरे रह जाते है पर ज़िद हमेशा पक्की ही होती है। चार्टेड अकाउंटेंट बनने के साथ साथ वह बच्चों को भी पढ़ाते थे। ब्रिज मोहन जी शुरवात से ही प्रोफ़ेस्सिनलिस्म में भरोसा करते आये है। उन्हें जो भी काम मिला या उन्होंने दिया उसे  पूरा करने की ज़िद हमेशा से ही थी। यह ज़िद हर किसी में नहीं होती पर ब्रिज मोहन जी में थी क्यूंकि वह ज़िन्दगी मे कुछ  बड़ा हासिल करना चाहते थे।

अबसे जब जब बात प्रोफेशनलिज्म की आएगी ब्रिज मोहन जी  की बात हमेशा आगे  ही आएगी।

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