• October 28.2020

  • आंचल

कहावत हैं कि कुछ करने की चाह हो तो आपको कोई नहीं रोक सकता। ऐसा ही कुछ मध्य प्रदेश के एक चायवाले की बेटी ने करके दिखाया है। जिनका नाम है आंचल गंगवाल। आंचल के पिता सुरेश गंगवाल मध्य प्रदेश के नीमच में चाय की एक छोटी सी दुकान लगाते हैं। आंचल के पिता को अपनी बेटी पर बहुत गर्व है, क्योंकि अब वह इंडियन एयरफोर्स में फ्लाइंग ऑफिसर बन गई है।

आंचल की एयर चीफ मार्शल आरकेएस भदौरिया के सामने एयरफोर्स में कमिशनिंग हुई। आंचल समेत 123 कैडर को इंडियन एयरफोर्स में कमिशंड किया गया। ऑनलाइन मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, आंचल ने बताया कि कैसे एक छोटी से चाय की दुकान चलाते हुए उनके पिता ने उनकी और उनके भाई की हर जरूरत को पूरा किया। इंडियन एयरफोर्स में शामिल होने के लिए आंचल दो सरकारी नौकरी तक छोड़ चुकी हैं। आंचल कहती हैं कि वो शुरू से ही एक फाइटर बनना चाहती थीं। जब वो स्कूल में थीं, तभी उन्होंने फैसला कर लिया था कि वो डिफेंस में जाएंगी। आंचल ने कहा कि आज जब मैं ऑफिसर बन गई हूं तो सब असली लग रहा है। यह एक सपने के सच होने जैसा है। आंचल के लिए एयरफोर्स ऑफिसर बनने का दिन बहुत ही खास था, लेकिन इस खास मौके पर उनके माता-पिता वहां मौजूद नहीं थे।

कोरोनावायरस महामारी के कारण आंचल के माता-पिता डंडीगल एएफए में पासिंग आउट परेड में शामिल नहीं हो सके। आंचल ने कहा कि मैं लगभग हर रात इस दिन का सपना देखती थी। अपने माता-पिता के सामने इस यूनिफॉर्म में खड़ी हो सकूं, जिन्होंने मुझे यहां तक पहुंचाने के लिए हर कठिनाई का सामना किया। हालांकि, कोविड-19 के कारण ऐसा संभव नहीं हो पाया। पर मैं खुश हूं कि वो टेलीविजन पर परेड सेरेमनी को देख पाए। बता दें कि कभी भी उनके माता-पिता ने इस बात पर संदेह नहीं किया कि एक लड़की कैसे एयरफोर्स में शामिल होने के अपने सपने को पूरा करेगी। आंचल ने कहा कि जब मैंने अपने माता-पिता को अपने डिफेंस में जाने की बात बताई तो उन्हें थोड़ी सी चिंता हुई। पर उन्होंने कभी भी मुझे रोकने की कोशिश नहीं की। इतना ही नहीं, वो हमेशा मेरी जिंदगी में एक ढाल बनकर खड़े रहे।

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