• October 26.2020

  • डॉ. पंकज यादव

जब हौसले हो बुलंद तो जीवन में कोई भी मुकाम हासिल करने के लिए जज्बा और लगन का होना बेहद जरूरी है। छोटी सी घटना आपके जीवन में बड़ा परिवर्तन ला सकती है। लेकिन ये परिवर्तन तभी आ सकता है जब आप खुद इसके लिए तैयार हो। कई लोग हैं जो जीवन में बहुत कुछ करना चाहते हैं लेकिन लगन की कमी के कारण ऐसा नहीं कर पाते हैं। आज सफलता की कहानी एक ऐसे युवा की जिसे जीवन की एक छोटी सी घटना ने आईएएस बना दिया। ये कहानी आपको भी प्रेरित करेगी।

यह सफलता की कहानी है हरियाणा के रहने वाले डॉ. पंकज यादव की। पंकज हरियाणा के रेवाड़ी जिले के गांव टींट के रहने वाले हैं। यूपीएससी (संघ लोक सेवा आयोग) परीक्षा में ऑल इंडिया 56वीं रैंक हासिल की है। पंकज को यह सफलता अपने तीसरे प्रयास में मिली। खास बात यह है कि पंकज 2018 में यूपीएससी की परीक्षा उत्तीर्ण कर चुके हैं। तब इन्हें देश भर में 589वीं रैंक मिली थी। पंकज आईपीएस बनने के बाद बतौर एएसपी के पद पर वर्तमान में इंफाल में तैनात हैं।
पंकज के आईएएस बनने की कहानी बड़ी दिलचस्प है। साल 2007 में 12वीं के बाद पंकज को बीसीबी का प्रमाणपत्र बनवाना था। प्रमाणपत्र में ग्राम सचिव, पटवारी और एसडीएम के हस्ताक्षर करवाना था। उन्हें हस्ताक्षरों के लिए कई दिन तक चक्कर काटने पड़े। बस इसी घटना ने पंकज के जीवन को बदल कर दिखा और तभी पंकज ने मन में आईएएस बनने की ठान ली। ठीक 13 साल बाद पंकज की प्रतिज्ञा पूरी हुई।

डॉ. पंकज यादव ने पीजीआई रोहतक से 2016 में एमबीबीएस भी किया है। इसके बाद संघ लोक सेवा की तैयारी की। अपने तीसरे प्रयास में वह आईएएस बनने में सफल हुए हैं। अब वह हस्ताक्षर वाली व्यवस्था को बदलना चाहते हैं। ताकि किसी और को भी ऐसे चक्कर न लगाने पड़े। पंकज यादव जीवन में सच्चे संबंधों को बेहद महत्वपूर्ण मानते हैं|

हर रोज कम से कम छह से आठ घंटे की पढ़ते थे पंकज अगर आप संघ लोक सेवा की परीक्षाओं की तैयारी कर रहे हैं तो पंकज की यह बात ध्यान से पढ़नी चाहिए ! पंकज ने कहा कि प्रतिदिन कम से कम छह से आठ घंटे की पढ़ाई जरूर करें ! कितने प्रयास किए हैं, इस पर बिल्कुल ध्यान न दें ! पंकज का मानना है कि तैयारी खुद से प्रेरित होकर ही करें|

क्या है आपकी कहानी ज़िद्द की ? हमें बताएँ   +91-8448983000