• November 10.2019

  • RAJESH RASTOGI

आजकल जो पढ़ता है वही आगे बढ़ता है,एजुकेशन हमारी ज़िन्दगी मे अहम रोल निभाता तो  है ही साथ ही साथ हमें आगे बढ़ने का  रास्ता भी दिखाता है। बेहतर शिक्षा सभी के लिए जीवन में आगे बढ़ने और सफलता प्राप्त करने के लिए बहुत आवश्यक है। यह हममें आत्मविश्वास विकसित करने के साथ ही हमारे व्यक्तित्व निर्माण में भी सहायता करती है।  किसी ने सही कहा है पढोगे लिखोगे बनोगे नवाब ,खेलोगे कूदोगे होंगे ख़राब। इसी विषय पर सुनते है कहानी रस्तोगी जी की उन्ही की जुबानी !

दिल्ली यूनिवर्सिटी के रिटायर प्रोफेसर राजेश रस्तोगी एक छोटे से  गांव  बचरौ  से अपने सफर की  शुरवात की थी ।  अमीर खानदान से ना होने के बावजूद उन्होंने अपनी एक अलग पहचान बनाने की ज़िद ठानी। गांव के छोटे से स्कूल मैं प्रथम स्थान प्राप्त किया और सबको दिखा दिया की  मेहनत से और अपनी ज़िद्द  से वे आगे  बढ़ते जायेंगे और पढ़ाई के मामले मे कभी भी  पीछे नहीं हटेंगे।

अपनी ज़िद्द से हर वक़्ती चाहे वो बच्चा, जवान अथवा बुज़ुर्ग ही क्यों न हो, कुछ भी हासिल कर सकता है ! हालांकि रस्तोगी  जी को बहुत सी कठिनाइओं का सामना  करना पड़ा पर उनकी पढ़ने की ज़िद के सामने वह कठनाई कुछ ना कर पायी |  जब वह दिल्ली यूनिवर्सिटी के प्रोफिसोर बने तो उन्होंने यह साबित कर दिया की अच्छे कपड़े हो या ना हो अच्छा रेहन -सहन  हो या ना हो पर अच्छी पढ़ाई कही ना कही ज़रूर काम आती।

कुछ कर दिखाने  की ज़िद्द रस्तोगी जी को यहाँ तक ले आई, जहां पहुँच कर वक़्ती को खुद पर नाज़ नाज़ होता है और लोग भी आपको सम्मानित करते हैं |

तो बताइये क्या है आपकी कहानी ज़िद्द की |

क्या है आपकी कहानी ज़िद्द की ? हमें बताएँ   +91-8448983000