हार में छिपी होती है वज़ह आगे बढ़ने की |
  • January 16.2019

  • Lalit Mishra

नमस्कार मेरा नाम “ललित मिश्रा” है| मैं जयपुर का रहने वाला हूँ| मैं वैसे एक सिविल इंजीनियर हूँ| मैं आपको बताना चाहता हूँ की मेरी कहानी किसी फिल्म की कहानी जैसी तो नहीं है, यह मेरी ज़िंदगी की कहानी है| जो की मेरे व्यवसाय से जुडी है और मैं आप लोगों को एक वाकया सुनाना चाहता हूँ| एक बार मैं L&T कंपनी में इंटरव्यू के लिए गया और उन्होंने मेरा लिखित परीक्षा ली जिसमे मैं सफल हुआ और बाकी सभी राउंड भी क्लियर कर लिए पर एक आखरी कदम बाकी था और उन्होंने मुझसे से जवाब दे दिए तो उन्हें ताज्जुब हुआ की मुझे इतना ज्ञान कैसे है सब चीज़ो का तो मैंने उन्हें बताया के मैंने अपने पिताजी से सीखा है क्यूंकि उनका भी केमिकल्स का काम है, उसके बाद उन्होंने मुझे नौकरी देने से मना कर दिया| मैं परेशान था के सब ठीक था तो अचानक से क्या हो गया और बाद में मुझे उनकी कंपनी के एक बड़े दर्जे के कर्मचारी ने बताया के तुम्हे ये जॉब इसलिए नहीं मिली क्यूंकि तुमने ये बताया की तुमहरे पिताजी का केमिकल्स का काम है और ये लोग सोचते हैं की तुम एक दो साल काम करके और अपने लिए सीख के जॉब छोड़ दोगे| उस दिन मैं बोहोत परेशान हो गया क्यूंकि मैंने ऐसा कुछ सोचा नहीं था और मुझे गलत समझा गया| तब मैंने ठान लिया था के अब मैं अपना बिज़नेस करूंगा और एक दिन इतना बड़ा बनूँगा के इसी कंपनी के साथ बिज़नेस करूँगा और यही मेरी ज़िद्द थी| आज मैंने वो मुकाम हासिल कर लिआ है के अब मैं L&T कंपनी के साथ बिज़नेस करता हूँ|

क्या है आपकी कहानी ज़िद्द की ? हमें बताएँ   +91-8448983000